सरकार ने वरिष्ठ नागरिक के लिए वित्तीय राहत का बड़ा ऐलान किया है। अब सीनियर सिटीजन्स को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर टीडीएस (TDS) में छूट का लाभ मिलेगा, और वह भी एक लाख रुपये तक की कमाई पर। यानी अब बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती से राहत मिलेगी।
वरिष्ठ नागरिक जाने : क्या है बदलाव?
अब तक टीडीएस की छूट की सीमा 50,000 रुपये थी। लेकिन अप्रैल 2025 से इस सीमा को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। यानी अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी के नाम से FD है और उसकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, तो TDS नहीं कटेगा।
वरिष्ठ नागरिकों को कैसे मिलेगा फायदा?
अगर आप अपने किसी वरिष्ठ नागरिक परिवार सदस्य (60 साल से ऊपर) के नाम पर एफडी कराते हैं, तो:
- ब्याज दर आम निवेशकों की तुलना में ज़्यादा मिलती है (जैसे 7% तक)।
- एक लाख रुपये तक की ब्याज आय पर कोई TDS नहीं कटेगा।
- इस तरह आपको दोहरा फायदा – ज़्यादा ब्याज और टैक्स से छूट।
वरिष्ठ नागरिक के उदाहरण से समझिए:
- आपने अपनी 75 वर्षीय दादी के नाम पर ₹10 लाख की एफडी करवाई।
- सालाना ब्याज दर 7% है, यानी ₹70,000 ब्याज मिलेगा।
- चूंकि ये ₹1 लाख से कम है, इसलिए TDS नहीं कटेगा।
- अगर यही FD किसी नॉन-सीनियर व्यक्ति के नाम होती, तो TDS कट जाता।
कौन उठा सकता है फायदा?
- जो भी व्यक्ति अपने परिवार के बुजुर्ग व्यक्ति के नाम पर निवेश करता है, वह इस स्कीम का लाभ उठा सकता है।
- शर्त यही है कि एफडी के हकदार वरिष्ठ नागरिक हों।
📌 निष्कर्ष
सरकार का यह कदम वरिष्ठ नागरिक को आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ परिवारजनों को भी स्मार्ट टैक्स प्लानिंग में मदद करेगा। यदि आपके परिवार में वरिष्ठ नागरिक हैं, तो अब उनके नाम पर FD करवाकर आप न केवल उन्हें वित्तीय सुरक्षा देंगे, बल्कि अपनी टैक्स लायबिलिटी भी कम कर पाएंगे।
